Thursday, April 14, 2022

Learn Sanskrit – Video Class – 83/120 – प्रत्याहार विषय प्रसूतवान् – प्रत्याहार किम् भवति | (Pratyahar vishay prasutavan - pratyahar kima bhavati.)

प्रत्याहार विषय प्रसूतवान् |  

प्रत्याहार विषय प्रसूतवान् |

अत्र अनेन वणेन सह उचितम् लकारः अस्ति | = यहा र्ड्स वणेन के साथ सही तनावग्रस्त है | 
पाणिनि अस्मिन् विषये किम् मान | = पाणिनि के विषये में क्या इसमें एम है | 
चतुर्दशी अपि सूत्रेषु विद्यमान बेजनः नाम इत जाम अस्ति | = चौदहवीं सूत्र भी विद्यमान वेलोग नाम जानते है | 

प्रत्याहार

प्रत्याहार का अर्थ होता है – 'संक्षिप्त कथन' व्याकरण में प्रत्याहार विभिन्न वर्ण-समूह को अभीप्सित रूप से संक्षेप में ग्रहण करने की एक पद्धति है। जैसे, 'अण्से    और 'अच्से समग्र स्वर वर्ण—  और इत्यादि। अष्टाध्यायी के प्रथम अध्याय के प्रथम पाद के 71वें सूत्र ‘आदिरन्त्येन सहेता’(1-1-71) सूत्र द्वारा प्रत्याहार बनाने की विधि का पाणिनि ने निर्देश किया है।

आदिरन्त्येन सहेता (1-1-71) : (आदिःआदि वर्ण (अन्त्येन इताअन्तिम इत् वर्ण (सहके साथ मिलकर प्रत्याहार बनाता है जो आदि वर्ण एवं इत्संज्ञक अन्तिम वर्ण के पूर्व आए हुए वर्णों का समष्टि रूप में (collectively) बोध कराता है।

उदाहरणअच् = प्रथम प्रत्याहार सूत्र ‘अइउण्’ के आदि वर्ण ‘’ को चतुर्थ सूत्र ‘ऐऔच्’ के अन्तिम वर्ण ‘च्’ से योग कराने पर अच् प्रत्याहार बनता है। यह अच् प्रत्याहार अपने आदि अक्षर ‘’ से लेकर इत्संज्ञक च् के पूर्व आने वाले  पर्यन्त सभी अक्षरों का बोध कराता है। अतः,

अच् =         औ।

इसी तरह हल् प्रत्याहार की सिद्धि 5वें सूत्र हयवरट् के आदि अक्षर ‘’ को अन्तिम 14वें सूत्र हल् के अन्तिम अक्षर ल् के साथ मिलाने (अनुबन्धसे होती है। फलतः,

हल् =                         

चतुर्दशी सूत्रेषु अति | 

चतुर्दशी सूत्रेषु अति |

१. अइउण् 

२. ऋलृक्

३. एओङ्

४. ऐऔच्

५. हयवरट्

६. लण्

७. ञमङणनम्

८. झभञ्

९. घढधष्

१०. जबगडदश्

११. खफछठथचटतव्

१२.कपय्

१३.शषसर्

१४. हल्

प्रत्याहार बोध अस्ति | 

यण - अ इ उ 
अच् - अ इ उ ऋ ऌ ए ओ ऐ औ 
एच् - ए ओ ऐ औ 
यण - 
जश् - ज ब ग ड द 
यम् - य ब र ल न म ग न ल 
हश्  - ह य ब र ल न म न न न झ भ घ ढ झ ज ब ग ड ड
खर् - ख फ छ ठ थ च ट थ क प स श ष
हल् -         ,


In this post we are discussing how to use Pratyahar vishay prasutavan, pratyahar kima bhavati, Varna etc. This one is an video classes by just watching videos you can learn to speak in Sanskrit language without any difficulty. 

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